राम मंदिर चढ़ावा गबन पर गरमाई सियासत, डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने विपक्ष पर साधा निशाना
प्रयाग भारत, लखनऊ : अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गबन के मामले को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। विपक्ष लगातार भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर सवाल उठा रहा है। इस बीच प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी इस मुद्दे पर झूठ और भ्रम फैलाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही हैं।
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के प्रति शुरू से ही नकारात्मक सोच रही है। उनका आरोप है कि जांच पूरी होने से पहले मंदिर और उसकी व्यवस्था पर सवाल उठाना केवल राजनीतिक उद्देश्य से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि SIT की जांच के बाद एफआईआर दर्ज हो चुकी है और आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। दोषी किसी भी कीमत पर बख्शे नहीं जाएंगे, लेकिन इस मामले को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा करना उचित नहीं है।
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले राम मंदिर निर्माण का विरोध किया गया और अब चढ़ावे के मुद्दे पर राजनीति की जा रही है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में जनता एक बार फिर भाजपा पर भरोसा जताएगी।
गौरतलब है कि 7 जून को समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने राम मंदिर के चढ़ावे में करोड़ों रुपये के कथित गबन का आरोप लगाया था। इसके बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मामले में न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की। वहीं भाजपा के कुछ नेताओं ने भी निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर श्रीराम जन्मभूमि थाने में आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। मामले में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और श्रीराम शंकर यादव उर्फ टिन्नू को नामजद किया गया है।
इसी बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि मामले की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।