रूस ने की ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिका के हमलों की निंदा और पश्चिमी सुरक्षा परिषद के सदस्यों पर दोहरा मापदंड का लगाया आरोप
Summary
Spread the loveप्रयाग भारत, संयुक्त राष्ट्र : संयुक्त राष्ट्र में रूस के राजदूत ने रविवार को ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिका के हमलों की निंदा की और पश्चिमी सुरक्षा परिषद के सदस्यों पर दोहरा मापदंड का आरोप लगाया। संयुक्त […]
More On prayagbharat
- Chamoli Forest Fire: आग बुझाने गया फायर वाचर खाई में मृत मिला, इलाके में शोक
- Almora Fake Loan केस में बड़ा खुलासा, शिकायत करने वाला ही निकला आरोपी
- Online Pharmacy Strike देशभर में केमिस्टों का प्रदर्शन, ऑनलाइन फार्मेसी पर सख्ती की मांग
- Rishikesh Ujjaini : ऋषिकेश रेलवे स्टेशन पर हादसा, बफर स्टॉप से टकराई उज्जैनी एक्सप्रेस
- Uttarkashi Pirul Plant Fire : चकोन में लगी भीषण आग, मशीनें और सामान जलकर राख
प्रयाग भारत, संयुक्त राष्ट्र : संयुक्त राष्ट्र में रूस के राजदूत ने रविवार को ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिका के हमलों की निंदा की और पश्चिमी सुरक्षा परिषद के सदस्यों पर दोहरा मापदंड का आरोप लगाया। संयुक्त राष्ट्र में रूस के स्थायी प्रतिनिधि वासिली नेबेंजिया ने सुरक्षा परिषद की आपात बैठक में कहा कि अमेरिका ने ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर बिना उकसावे के मिसाइल और बम हमले किये, जो अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की निगरानी में थे।
उन्होंने इन हमलों को ‘गैर-जिम्मेदाराना, खतरनाक और उकसावे वाले’ बताया तथा इसकी कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि यह एक संप्रभु देश पर हमला है। रूस ने कहा कि अमेरिका ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की राय की अवहेलना की है और अपने इजरायली सहयोगी के हितों के लिए न केवल हजारों फिलिस्तीनी महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की मौतों पर आंखें मूंद ली हैं, बल्कि पूरी मानवता की सुरक्षा को भी खतरे में डाल दिया है।
नेबेंजिया ने चेतावनी दी कि इन हमलों से परमाणु विकिरण का खतरा पैदा हुआ है, जिससे क्षेत्र और उसके बाहर बड़ी संख्या में आम लोगों की जान और सेहत खतरे में है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने अपने एकतरफा और अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ कदम उठाकर एक खतरनाक सिलसिला शुरू कर दिया है, जिसके अंजाम का कोई अंदाजा नहीं है।
नेबेंजिया ने कहा कि अमेरिका खुद को सर्वोच्च न्यायाधीश समझता है और अपनी मर्जी से न्याय करता है। वैश्विक वर्चस्व बनाए रखने के लिए वह किसी भी अपराध और अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का कोई भी समझदार सदस्य अब अमेरिकी सहयोगियों पर विश्वास नहीं करेगा।
रूसी दूत ने सुरक्षा परिषद के पश्चिमी देशों पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह विडंबना है कि ईरान, जो आईएईए की निगरानी में है, उस पर हमला किया जाता है, जबकि इजरायल, जिसने परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) पर हस्ताक्षर नहीं किये, उसे कोई चुनौती नहीं दी जाती।
