डायनासोर के जीवाश्म “लगभग पांच अंडों के सेल” को कर्मचारियों ने कचरा समझकर फेंक दिया
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प्रयाग भारत, नर्मदापुरम: मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले से वैज्ञानिक धरोहर की बड़ी लापरवाही सामने आई है। शासकीय नर्मदा कॉलेज के प्राणी शास्त्र संग्रहालय में सुरक्षित रखे गए डायनासोर के जीवाश्म (लगभग पांच अंडों के सेल) को कर्मचारियों ने कचरा समझकर फेंक दिया। अब कॉलेज प्रशासन जीवाश्म की खोजबीन कर रहा है।
प्रोफेसर डॉ. रवि उपाध्याय ने बताया कि करीब 15 साल पहले उनकी रिसर्च टीम को क्षेत्र में खुदाई के दौरान डायनासोर के अंडे और हड्डियां मिली थीं। इन्हें कॉलेज के संग्रहालय में सुरक्षित रखा गया था। लेकिन हाल ही में कॉलेज लौटने पर उन्होंने पाया कि जीवाश्म गायब हैं। रिसर्च टीम में वनस्पति विज्ञान के रिटायर प्रोफेसर डॉ. के. डब्ल्यू. शाह, पुरातत्वविद् वसीम खान और डॉ. उपाध्याय प्रमुख सदस्य थे। डॉ. उपाध्याय ने बताया कि इस खोज पर आगे रिसर्च की बड़ी संभावना थी, लेकिन अब स्थिति गंभीर है।
कॉलेज प्राचार्य डॉ. रामकुमार चौकसे ने कहा कि ‘मुझे इस मामले की जानकारी नहीं थी। यदि ऐसा है तो यह गंभीर विषय है। पता करवाया जा रहा है।’ गौरतलब है कि तत्कालीन नर्मदापुरम कमिश्नर जे.एन. कंसोटिया ने भी इन जीवाश्मों पर आगे रिसर्च कराने पर जोर दिया था और रायसेन कलेक्टर से रिपोर्ट मांगी थी। इसी सिलसिले में डॉ. उपाध्याय पुणे के एक संस्थान भी गए थे। लेकिन सरकारी अनुमति न मिलने से शोध आगे नहीं बढ़ पाया।